अटल बिहारी वाजपेयी, (25 दिसंबर 1924 - 16 अगस्त 2018) भारत के दसवें प्रधानमंत्री थे। वे पहले 16 मई से 1 जून 1996 तक, और फिर 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक भारत के प्रधान मंत्री रहे। वे हिंदी कवि, पत्रकार और एक प्रखर वक्ता थे।वे भारतीय जनसंघ के संस्थापक में थे, और 1968 से 1973 तक उसके अध्यक्ष भी रहे। उन्हें भारत रत्न 2015 से सम्मानित किया गया।
प्रधानमंत्री के रूप में प्रमुख कार्य
भारत को परमाणु शक्ति सम्पन्न राष्ट्र बनाना
भारत सरकार ने 11 और 13 मई 1998 को पोखरण में पाँच भूमिगत परमाणु परीक्षण विस्फोट करके भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देश घोषित कर दिया। इस परीक्षण ने भारत को विश्व मानचित्र पर एक सुदृढ वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित कर दिया। यह सब इतनी गोपनीयता से किया गया कि अति विकसित अमेरिकी जासूसी उपग्रहों व तकनीकी से संपन्न पश्चिमी देशों को इसकी भनक तक नहीं लगी। यही नहीं इसके बाद इन देशों द्वारा भारत पर अनेक प्रतिबंध लगाए गए लेकिन भारत सरकार ने सबका दृढ़तापूर्वक सामना करते हुए आर्थिक विकास की ऊचाईयों को छुआ।
पाकिस्तान से संबंधों में सुधार की पहल
19 फ़रवरी 1999 को सदा-ए-सरहद नाम से दिल्ली से लाहौर तक बस सेवा शुरू की गई। इस सेवा का उद्घाटन करते हुए प्रथम यात्री के रूप में वाजपेयी जी ने पाकिस्तान की यात्रा करके नवाज़ शरीफ से मुलाकात की और आपसी संबंधों में एक नयी शुरुआत की।
कारगिल युद्ध
कुछ ही समय पश्चात् पाकिस्तान के तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज़ मुशर्रफ की शह पर पाकिस्तानी सेना व उग्रवादियों ने कारगिल क्षेत्र में घुसपैठ करके कई पहाड़ी चोटियों पर कब्जा कर लिया। अटल सरकार ने पाकिस्तान की सीमा का उल्लंघन न करने की अंतर्राष्ट्रीय सलाह का सम्मान करते हुए धैर्यपूर्वक किंतु ठोस कार्यवाही करके भारतीय क्षेत्र को मुक्त कराया। इस युद्ध में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण भारतीय सेना को जान माल का काफी नुकसान हुआ और पाकिस्तान के साथ शुरु किए गए संबंध सुधार एकबार फिर शून्य हो गए।
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना
भारत भर के चारों कोनों को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना (Golden Quadrilateral Project) की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत दिल्ली, कलकत्ता, चेन्नई व मुम्बई को राजमार्ग से जोड़ा गया। ऐसा माना जाता है कि अटल जी के शासनकाल में भारत में जितनी सड़कों का निर्माण हुआ इतना केवल शेरशाह सूरी के समय में ही हुआ था।
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